परिणाम छठवें श्री मनोहर सिंह यादव स्मृति सृजन श्री अलंकरण- 2024 हेतु आयोजित सृजन परंपरा गीत की नामक गीत सृजन प्रतियोगिता

पत्रांक:- अ16/क21/355
दिनांक- 31/03/2024

परिणाम
छठवें श्री मनोहर सिंह यादव स्मृति सृजन श्री अलंकरण- 2024
हेतु आयोजित
सृजन परंपरा गीत की नामक
गीत सृजन प्रतियोगिता

प्रथम-चरण
दसम-माह:- (मार्च – 2024)
के विषय:- परीक्षा हेतु प्राप्त गीतों के मूल्यांकन के पश्चात का परिणाम
प्रथम स्थान – कोड (ट)
साथ क्या तुम दे सकोगे
द्वितीय स्थान – कोड (झ)
जगते हैं दिन रात नहीं पल
तृतीय स्थान – कोड (थ)
सांसों की लय ताल पे चलता

आधिकारिक हस्ताक्षर
प्रो. अजिर बिहारी चौबे
उप निदेशक मूल्यांकन/मुख्य निर्णायक
मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष, एस.आर.के. स्नातकोत्तर
महाविद्यालय, फिरोजाबाद

प्रथम स्थान – कोड (ट)

साथ क्या तुम दे सकोगे ?

कर सकूंँ अंत: परीक्षा
साथ क्या तुम दे सकोगे।
भाव संवेदित समीक्षा
साथ क्या तुम दे सकोगे।।

खुशबुओं की यह नुमाइश
खोजती है महक मन की,
नवल वैचारिक लहर में
टीस उठती है घुटन की,

हर अधर पर रख सकूंँ
आनंदमय मुस्कान मीठी,
ले सचेतन सजग शिक्षा
साथ क्या तुम दे सकोगे।।

एक अरसे से कटे हम
एक दूजे से बहुत हैं,
बांँचते खुद को नहीं हम
जांँचते उनको बहुत हैं,

ढाई आखर शब्द में ही
खोजती हर प्रश्न का हल,
चित्त की व्याकुल प्रतीक्षा
साथ क्या तुम दे सकोगे।।

साथ ध्रुवपद गा सकें हम
राग स्वर संवेदना के,
कल्पना के बिम्ब बांधें
छंद रस संचेतना के,

अंतरा में कर सकूं मैं
ध्वनित जीवन साज सारे ,
कर समंजित शब्द रक्षा
साथ क्या तुम दे सकोगे।।

कर्म की गति बांँध लेगी
श्वांस से संबंध अपने,
साधना की भूमि पर फिर
पूर्णता पायेंगे सपने,

नेह की पनडुब्बियों के
सफर में चाहत ‘यशो’ की,
मांँगती संबल सुरक्षा
साथ क्या तुम दे सकोगे।।

यशोधरा यादव ‘यशो ‘
डी-963/21 कालिंदी विहार आवास विकास कॉलोनी आगरा उत्तर प्रदेश – 282006
मोबाइल नंबर- 8958943278
8755460727
ईमेल – yashovivek1234@gmail.com

द्वितीय स्थान – कोड (झ)

जगते हैं दिन-रात नहीं पल
भर को भी सोते।
सफल परीक्षा में जीवन की
सदा वही होते।

सदा निडर हो चलते हैं जो
दुर्गम राहों में।
पल-पल लेतीं जन्म क्रांतियाँ
उनकी बांहों में।
आदर्शो को नहीं छोड़ते
ठोकर खाकर भी,
दुख में भी हँसते रहते हैं
नहीं कभी रोते…….

गागर में सागर भरने की
कला जिन्हें आती।
सतत साधना ही जीवन में
जिनको है भाती।
लक्ष्य प्राप्ति की खुशी उसी को
मिलती है प्यारे,
अपने सपनों को जो जगती
आँखों में ढोते…….

करते हैं अभ्यास लगन से
अर्जुन हैं बनते।
सदा सफलताओं के जग में
जन्म दिवस मनते।
बहुत कीमती मोती माणिक
मिलते हैं उनको,
जो संघर्षों के सागर में
खाते हैं गोते…….

असमान छोटा कर देतीं
जिनकी परवाजें।
ध्यान लगाकर सुनता है जग
उनकी आवाजें।
मुक्ताहार उसी को पहनाती
है ये दुनिया,
जो मानवता के पुष्पों की
माला को पोते……..

आत्म आकलन होता रहता
नित्य परीक्षा से।
पुष्प खुशी के खिलते हैं
सदकर्मी दीक्षा से।
वेद विदित है श्रम का फल
मीठा ही वह पाते,
संकल्पों के बीज सफलता
से जो मन बोते…….

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संजय शर्मा
44/219 बोदला-सिकंदरा रोड,
बोदला, आगरा – 282007 (उ.प्र.)
मोबाइल नं. 9548532327

तृतीय स्थान – कोड (थ)

साँसों की लय ताल पे चलता जीवन एक रवानी है
पलछिन है एक कड़ी परीक्षा जग की यही कहानी है……

रोता-रोता आया जग में हँसता हुआ ना जायेगा
कर्म करेगा जैसा मानव वैसा ही फल पायेगा
बीज अगर बोया काँटों का फूल कहाँ से लायेगा..?
पेड़ लगाया अगर दाख का आम कहाँ से खायेगा..?

सच्चाई को कहती हूँ मैं कड़वी अपनी बानी है
पलछिन है एक कड़ी परीक्षा जग की यही कहानी है

देश प्रेम हित जो नहीं उबले खून नहीं वो पानी है
रण में जगदम्बा बन जाये, वो झाँसी वाली रानी है
सिहासन जब डोल उठे ऐसा प्रताप बलिदानी है
वीर शिवाजी की गाथा भी हमने सुनी ज़ुबानी है

भगतसिंह से मतवालों ने कर दी होम जवानी है
पलछिन है एक कड़ी परीक्षा,जग की यही कहानी है…

तुम अपना कर्तव्य करो अधिकार तो मिल ही जायेगा
प्रकृति से थोड़ा प्रेम करो परिवार तो बन ही जायेगा
मैना,गौरैया चहकेगी और वन मधुवन हो जायेगा
फूलबगिया भी महकेगी हर फूल पे यौवन आयेगा

करुणा, प्रेम और उपकार की अपनी कथा पुरानी है
पलछिन है एक कड़ी परीक्षा,जग की यही कहानी है…

आशा और विश्वास के बल पर सपने जीते जाते हैं
शौर्य और संकल्पों से इतिहास भी बदले जाते हैँ
आन मान मर्यादा के हित परवाने मर मिट जाते हैं
धर्म की लाज बचाने को कितने सिर कट जाते है

प्रीत की रीति निभाने को मीरा अब भी दीवानी है
पलछिन है एक कड़ी परीक्षा,जग की यही कहानी है…

साँसों की लय ताल पे चलता जीवन एक रवानी है
पलछिन है एक कड़ी परीक्षा जग की यही कहानी है…..

– डॉ. रमा ‘रश्मि’
पता -37/338 C/6B, जागेश्वर नगर, पोस्ट -दयालबाग़, आगरा
पिनकोड -282005
मोबाइल नंबर – 9457871118

सभी विजेताओं को बधाई एवं शुभकामनाएं

नोट :- प्रतियोगिता का प्रथम चरण संपन्न हो चुका है। द्वितीय चरण अप्रेल माह में संपन्न होगा जिसमें केवल प्रथम चरण के विजेता ही भाग लेंगे।

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प्रेषक
कृष्ण कुमार “कनक”
संस्थापक/प्रबंध-सचिव
प्रज्ञा हिंदी सेवार्थ संस्थान ट्रस्ट
मो. 7017646795

प्रवीण पाण्डेय
प्रतियोगिता प्रभारी/ ट्रस्ट उपाध्यक्ष
मो. 8218725186

कुँ. राघवेन्द्र प्रताप सिंह जादौन
सहनिदेशक- साहित्य
मो. 9897807132

आकाश यादव
मुख्य व्यवस्थापक
मो. 8791937688

यशपाल यश
ट्रस्ट अध्यक्ष
मो.9837812637

गौरव चौहान गर्वित
संस्थापक सचिव
मो.9412500858

सचिन कुमार बघेल
ट्रस्ट कोषाध्यक्ष
मो. 8077069829

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